शहरी बेघर, सड़क फुटपाथ

सड़कों पर रहने के कारण
जीविका बेघरों का शहर में प्रवास करने का मुख्य कारण है लेकिन उन्हें सड़कों पर रहना पड़ता है और वहन करने योग्य निवास की अनुपस्थिति में उन्हें इस विकल्प को चुनना पड़ता है। 300 बेघरों में से 212 ने सड़कों पर रहने का मुख्य कारण वहन करने योग्य घर ना होने को बताया। इसी से संबंधित कारण कम आय की वजह से बचत ना कर पाना भी है।

मूल भूत सेवाओं का उपलब्धता और उन तक पहुँच
प्रश्नावली में बसेंरों के सैक्शन में बेघरों के रहने वाली जगहों की सुरक्षा और सुरक्षितता की जांच की कोशिश की गयी और ये भी कि वें जीविका चलाने और अपने सामानों की सुरक्षा के लिये क्या करते हैं । नतीजे नीचे सैक्शन में दर्शाये गये हैं।

1) बसेरा/ जगह
बेघरों के लिये सड़क ही घर होती है। एक घर लोगों को सुरक्षिकता, सुरक्षा और एकांतता उपलब्ध कराता है। सड़कों पर रहते हुये एक बेघर के लिये एकातता उनका चुनाव (चॉइस) नहीं हो सकती, सुरक्षितता तो कोसों दूर की बात हैं। बास्तव में बोरीवली में डाटा इकट्ठा करने के दौरान हमने देखा कि एक छोटा सोता हुआ बच्चा नींद में लुढक कर फुटपाथ से सड़क पर आ गया था। वकोला ब्रिज और बोरीवली में FGD में एक सहभागी ने बताया कि तेज गति के वाहनों से अक्सर दुर्घटनायें होती रहती है। स्टडी में कवर किये गये सभी स्थानों पर कहीं भी कोई आवास या बसेरा नहीं पाया गया वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शहर में कहीं भी कोई बसेरे का अस्तित्व नहीं है।

वर्तमान जगह पर ठहरने के लाभ
जैसा कि वर्तमान स्थान चुनने के कारण वाले सेक्शन में देखा गया कि ज्यादातर बेघरों में जीविका और कार्य की उपलब्ता को जगह के चुनाव में बड़ी वजह बताया था, उसके बाद भोजन की उपलब्धता बड़ी वजह थी, इसके बाद तीसरे नंबर पर सबसे बड़ी वजह थी कि “लोग हमें जानते है” वाला फायदा (advantage) व्यक्तिगत बेघरों की तुलना में बेघर परिवारों और महिलाओं द्वारा अधिक बताया गया लोगों द्वारा उनको जानना पहचानना उनमें एक संबंध (जुडाव) होने और सुरक्षितता की भावना पैदा करता है। भोजन की उपलब्धता को फायदे के रुप में ज्यादातर व्यक्तिगत बेघरों ने वजह बताया था क्योंकि वो खुद खाना नहीं खाते इसलिये भोजन के लिये दूसरे स्रोतों (Sources) पर निर्भर रहते है जबकि बेघर परिवारों में कम से कम एक बार का भोजन तो पकाया ही जाता है।