सबसे बड़ी समस्या

बेघरों के लिये मुख्य समस्यायें पैदा करने वाले कारक
घरों से पूछा गया कि उनके लिये सबसे ज्यादा समस्या पैदा करने वाले फोन और आया है। पूरे स्कूल में दो-तिहाई रे ज्यादा 78% लोगों ने बृहन्मुम्बई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और 66% ने पुलिस को मुख्य समस्या बताया। शराबी और दुकानदार दूसरे नम्बर पर आता है बाकी सब कारण नगन्य है| बेघर लोग अपने लिये ऐसी लोकेशन का चुनाव करते हैं जो अपेक्षाकृत गुण्डों, सामाजिक तथ्यों और सामान्य पुलिस से सुरक्षित हो लेकिन सरकार द्वारा, जिससे उन्हें सुरक्षा की उम्मीद होती है, उन्हें परेशान किया जाता है। भारतीय संविधान अपने सभी नागरिकों को सम्मान के साथ जीने और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार देने की गारंटी देता है और सरकार उनके जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा करने के लिये बाध्य है लेकिन सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि ये सरकार की तरफ से ही असुरक्षित है।

(सरकार : कल्याणकारी राज्य या आतंक का राज्य
पूरे सैम्पल के दो तिहाई से ज्यादा ने बताया कि उनके लिये बृहन्मुम्बई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) (78%) और पुलिस (66%) उनके लिये सबसे मुख्य परेशानी हैं। भारतीय संविधान अपने सभी नागरिकों को सम्मान के साथ जीने और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की गारंटी देता है विडम्बना यह है कि वें सरकार की तरफ से ही असुरक्षित हैं।)

BMC और पुलिस से परेशानियों के बारे में FGDS में चर्चा की गयी BMC द्वारा पैदा की जाने वाली परेशानियों में उनके सामानों और कारोबार की वस्तुओं की जब्ती शामिल है, इस प्रकार हर जब्ती के बाद उन्हें फिर दोबारा अपनी ज़िन्दगी को पटरी पर लाने की जद्दो जहद करनी पड़ती है। ऐसी परिस्थितियाँ उन्हें घरविहीनता से बाहर आने के लिये कभी बचत इकट्ठी करने और कोई सम्पत्ति खरीदने की इजाजत नहीं देती हैं। पुलिस अक्सर उन्हें झूठे केसों में गिरफ्तार कर लेती है ताकि दूसरे केसों में गिरफ्तारी दिखाई जा सके। बॉम्बे प्रिवेन्शन ऑफ बैगरी एक्ट 1959 के अतंर्गत बेघरों को गिरफ्तार करके उन्हें वैगर्स होम (Beggar’s Home) में भेज दिया जाता है। पुलिस अक्सर उन्हें उनके स्थानों से भगा देती है। जब कभी शहर में कोई खास कार्यक्रम होता है, बड़ा त्योहार होता है या पब्लिक का कोई आदमी शिकायत करता है तो अक्सर गिरफ्तारियों और सफाई का आभियान चलाया जाता है। पुलिस बेघरों से जबरन अपने काम भी कराती हैं । BMC और पुलिस के यें कदम बेघरों की जिन्दगी को पूरी तरह से तहस नहस कर देते हैं और उन्हें सब कुछ फिर नये सिरे से शुरु करना पड़ता है और वें हमेशा घरविहीनता के जाल में फंसकर रह जाते हैं। जब भी पुलिस द्वारा किसी बेघर को गिरफ्तार किया जाता है तो वह अपने काम पर ना जा जाने की वजह से अपना रोजगार खो देता है। इस प्रकार BMC और पुलिस बेघरों से दो सबसे मुख्य चीजें, जिनके लिये वो शहर में आये थे छीन लेती हैं, वें हैं रोजगार और बसेरा (भले ही वो खुले आसमान के नीचे ही क्यों ना हो) |